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भारतीय ध्वज के साये में यूक्रेन से उज्जैन सहित भारत के 50 विद्यार्थी रोमानिया बार्डर के लिये रवाना
यूक्रेन से अक्षरविश्व को मेघा त्रिवेदी और आशी शर्मा ने बताये ताजा हालात…
उज्जैन। रूस-यूक्रेन के बीच आमने सामने का युद्ध शुरू होने के साथ ही यूक्रेन में फंसे भारतीयों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन इस बीच राहत भरी खबर उस समय सामने आई जब रशियन आर्मी ने भारतीयों को भरोसा दिलाया कि भारतीय ध्वज लगे वाहन जो यूक्रेन से बाहर जाना चाहते हैं उन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जायेगा।
रशियन आर्मी ने कहा…इंडियन को किसी प्रकार से परेशान नहीं किया जायेगा, न रोकेंगे
यूक्रेन के टर्नोपिल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही आशी शर्मा पिता देवेन्द्र शर्मा निवासी फ्रीगंज उज्जैन ने आज सुबह के हालात की जानकारी देते हुए बताया कि हमने इंडियन एम्बेसी से बातचीत की उन्हीं के निर्देश पर हमने अपने खर्चे पर बस का इंतजाम किया है जिसमें 50 इंडियन बच्चे रोमानिया बार्डर के लिये रवाना हो रहे हैं। पानी की बॉटलें, खाने का सामान भी रख लिया है। टर्नोपिल से रोमानिया बॉर्डर तक 8 घंटे का सफर है। हम सभी अपने स्तर पर ही रोमानिया बार्डर की ओर रवाना हो रहे हैं। आशी शर्मा ने बताया कि रशियन आर्मी ने इंडियन एम्बेसी को भरोसा दिलाया कि भारतीय झंडे लगे वाहनों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जायेगा।
रोमानिया पहुंचकर तय होगा कैसे भारत लौटें

आशी शर्मा ने बताया कि फिलहाल हमें यूक्रेन छोडऩे की चिंता है क्योंकि यहां अब रूस और यूक्रेन सैनिकों के बीच आमने सामने की का युद्ध शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। उज्जैन में रहने वाले परिजन बहुत चिंतित हैं। हमें भी हर समय खतरा बना हुआ है इस कारण जल्द से जल्द इंडिया आना चाहते हैं। हम सुरक्षित रोमानिया पहुंचेंगे उसके बाद इंडियन एम्बेसी से बातचीत कर कैसे भारत लौटना है उस पर अमल करेंगे। हालांकि रोमानिया में एयर इंडिया की फ्लाइट उपलब्ध हो रही है।
यूक्रेन के टर्नोपिल से पौलेंड जाने वाले उज्जैन के बच्चें की रवानगी रुकी…
यूक्रेन के टर्नोपिल में पढ़ रहे मध्यप्रदेश सहित उज्जैन के विद्यार्थियों को आज सुबह बस द्वारा टर्नोपिल से भारत केलिये पौलेंड रवाना होना था। इन बच्चों ने बंकर से निकलकर ब्रेक फास्ट किया जिसके बाद होस्टल में आकर जाने की तैयारी करने लगे उसी दौरान यूक्रेन सरकार की एडवाइजरी आई जिसमें कहा गया कि पौलेंड सीमा पर काफी रश होने के कारण नये लोगों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा हैँ अत: यह विद्यार्थी अपने होस्टल में ही रुके रहें।

मेघा त्रिवेदी
टर्नोपिल से चर्चा में अक्षरविश्व को मेघा त्रिवेदी ने बताया कि यही कारण रहा कि करीब 25 विद्यार्थी वापस होस्टल में रुकने को मजबूर हैं। मेघा ने बताया कि उनके साथ के जो विद्यार्थी कल पौलेंड बार्डर के लिये रवाना हुए थे। ऐसे में टर्नोपिल में फंसे हुए उज्जैन सहित देश भर के विद्यार्थियों को चिंता सता रही है कि वे रविवार को भी निकल पाएंगे या नहीं। मेघा ने बताया कि होस्टल बिल्डिंग में पर्याप्त मात्रा में राशन है। पानी और खाने के सामान की समस्या नहीं है। होस्टल के नीचे ही बंकर है। सायरन बजने पर तुरंत बंकर में पहुंचना होता है। फिलहाल इस शहर में रूस की सेना ने कोई अटैक नहीं किया है।